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अमीर और गरीब की कहानी | Amir aur Garib ki Kahani in Hindi

नमस्कार दोस्तों वैसे तो आपने अमीर और गरीब की कहानी कई बार सुनी होगी। आज हम आपको अमीर और गरीब दोस्त की ऐसी कहानी के बारे में बताएंगे जिसे पढ़कर आपको मनोरंजन भी आएगा। और

आपको इस कहानी से कई सारी सीख भी मिलेगी। जिससे कि आप इन सीख को अपने जीवन में उतारकर काफी हद तक सफल हो पाओगे। तो चलिए आइए जानते हैं अमीर और गरीब दोस्त की कहानी क्या है और इस हिंदी कहानी में हमें क्या सीखने को मिलेगा।

अमीर और गरीब की कहानी के बारे में

कहानी का शीर्षकअमीर और गरीब
कहानी के पात्रदो दोस्त
विषयसंतुष्टि मन की शांति, आत्मसम्मान
भाषा हिदी
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अमीर और गरीब की कहानी

अमीर और गरीब की कहानी:-

एक समय की बात है, एक गांव में दोस्त रहते थे। एक दोस्त अमीर था और दूसरा गरीब। अमीर दोस्त अपनी संपत्ति से गर्व करता था, वह बड़ा घर, आलीशान कारें और आरामदायक जीवन जीता था। वह उसकी धन-दौलत की वजह से समाज में मान्यता प्राप्त कर रहा था।

दूसरा दोस्त गरीब था, उसके पास संपत्ति की कमी थी और वह गरीबी के कारण चिंतित रहता था। वह मेहनती और समय-समय पर कठिनाइयों का सामना करने वाला व्यक्ति था, लेकिन उसके पास समाज में सम्मान कम था।

अमीर और गरीब की कहानी

एक दिन, गरीब दोस्त अपने मन की बात अमीर दोस्त को बताने के लिए उसके घर गया। उसने उसे अपनी संघर्ष भरी कहानी सुनाई, अपनी मशक्कतों और दुःखों के बारे में बताया। उसने अपने सपनों और आकांक्षाओं के बारे में भी बताया।

अमीर दोस्त ने सभी कहानियों को ध्यान से सुना और उनकी गरिमा और अवसरों पर ध्यान दिया। फिर उसने अपने दोस्त को संबोधित करते हुए कहा, “मैं समझता हूँ कि तुम मुश्किलों का सामना कर रहे हो, लेकिन अपनी कठिनाइयों से हार नहीं मानना चाहिए। संघर्ष ही सफलता की चाबी होता है।”

गरीब दोस्त ने अपने दोस्त के वचनों को समझा और स्वयं को मजबूत करने का निर्णय लिया। वह मेहनत और संघर्ष के माध्यम से अपने लक्ष्यों की ओर अग्रसर हुआ। वह अधिक प्रयास करने लगा, नए अवसर ढूंढने और अपनी क्षमताओं का उपयोग करने लगा। धीरे-धीरे, उसकी मेहनत और समर्पण ने फल दिया और उसने अपनी संपत्ति बढ़ाने में सफलता प्राप्त की।

वक्त बितते गया और अमीर दोस्त अपनी संपत्ति की भावना से ग्रस्त रहा। उसकी अधिकतम धन-दौलत के बावजूद, उसका अंतःस्थल शून्य था। उसे अपने जीवन में खुशी और संतुष्टि की कमी महसूस होती थी।

एक दिन, अमीर दोस्त गरीब दोस्त को मिलने आया और उसे अपनी असंतोषजनक स्थिति के बारे में बताया। उसने कहा, “मैं तो धन के बावजूद खुश नहीं हूँ। मेरे पास सारे सुख हैं, लेकिन संतुष्टि की अनुभूति नहीं होती है।”

गरीब दोस्त ने मुस्कराते हुए कहा, “दोस्त, संतोष और खुशी सिर्फ संपत्ति से नहीं मिलते। ये मन की शांति, समृद्धि और आत्मसम्मान से उत्पन्न होते हैं। मैं तो गरीब हूँ, लेकिन मेरे पास आनंद और संतुष्टि की कीमतवान भावना है।”

अमीर दोस्त ने गरीब दोस्त से प्रश्न किया, “तुम्हारे पास इतनी संपत्ति नहीं है, फिर भी तुम खुश कैसे हो सकते हो?”

गरीब दोस्त ने मुस्कानते हुए कहा, “अमीरी मन की बात है, गरीबी तो सिर्फ बाहरी स्थितियों का अनुभव है। खुशी और संतुष्टि अन्तरंग स्थितियाँ हैं, जो हमारे मन में उभरती हैं।”

यह कहानी हमें यह बताती है कि संपत्ति और सामाजिक स्थान हमारे खुशी और संतुष्टि का मापदण्ड नहीं होते हैं। असली खुशी और संतुष्टि मन की शांति, आत्मसम्मान, और अपने कर्तव्यों के निर्वहन में पाई जाती है।

यह कहानी हमें क्या सिखाती है?

यह कहानी हमें कई महत्वपूर्ण सिख प्रदान करती है-

  1. संतुष्टि की महत्वता: संतुष्टि और खुशी संपत्ति से नहीं, बल्कि मन की शांति और आत्मसम्मान से प्राप्त होती हैं। हमें अपने वर्तमान में संतुष्ट रहना और अपने साथी मानसिकता को समझना चाहिए।
  2. भाग्य और आत्मसम्मान: हमारी संपत्ति और सामाजिक स्थान हमारी खुशी और संतुष्टि का सच्चा मापदंड नहीं होते हैं। आत्मसम्मान का होना और खुद के कर्तव्यों के निर्वहन में आनंद मिलता है।
  3. जीवन की अंतरंग सुंदरता: जीवन की सच्ची खुशी और संतुष्टि भीतरी स्थितियों से उभरती हैं। हमें अपने मन की समृद्धि को प्राथमिकता देनी चाहिए और जीवन की अंतरंग सुंदरता का आनंद लेना चाहिए।
  4. धन और आपूर्ति का महत्व: यह कहानी हमें धन और संपत्ति की महत्वता को समझाती है, लेकिन यह भी दिखाती है कि इनका प्रयोग और प्राप्ति सही रूप से होना चाहिए। धन का मार्गदर्शन करने के लिए आत्मसंयम और धर्मपरायणता महत्वपूर्ण हैं।
  5. मित्रता और सम्पर्क: दोस्तों के बीच स्नेह और सम्पर्क महत्वपूर्ण हैं। हमें अपने दोस्तों के साथ उनकी समस्याओं और आपूर्ति के साथ साझा करना चाहिए और एक दूसरे का सहयोग करना चाहिए।
यह कहानी हमें यह बताती है कि आत्मसम्मान, संतोष, और मानसिक समृद्धि हमारे जीवन में महत्वपूर्ण हैं। इन मूल्यों के आधार पर हमें धन, सामाजिक स्थान या संपत्ति की महत्वता को निर्धारित करना चाहिए।

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अमीर और गरीब की कहानी से जुड़े सवाल जवाब

  1. दोनों दोस्तों का क्या नाम था?

    जय और विजय.

  2. गरीब मित्र का का क्या नाम था?

    जय.

  3. इस कहानी से हमें क्या सीखना चाहिए?

    यह कहानी हमें यह बताती है कि संपत्ति और सामाजिक स्थान हमारे खुशी और संतुष्टि का मापदण्ड नहीं होते हैं।

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