जिज्ञासु बंदर की कहानी | Jigyasu Bandar ki Kahani in Hindi

वैसे तो अपने पंचतंत्र से जुड़ी कई कहानियां सुनी होगी लेकिन आपने जिज्ञासु बंदर की कहानी नहीं सुनी है तो आज हम आपको इस कहानी के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी बताने वाले हैं ।

जिज्ञासु बंदर के इस हिंदी कहानी में आपको बहुत अच्छी नैतिक शिक्षा के साथ-साथ मनोरंजन भी मिलने वाला है । अगर आपको यह कहानी अच्छी लगी है तो अपने मित्रों को जरुर शेयर करना । तो आईए जानते हैं इस जिज्ञासु बंदर की कहानी के बारे में ।

जिज्ञासु बंदर की कहानी के बारे में

कहानी का शीर्षकजिज्ञासु बंदर की कहानी
कहानी के पात्रबंदर, जंगल के जानवर
विषयसाथियों की सहायता
भाषा हिदी
हिंदी कहानी का संग्रह क्लिक करे

जिज्ञासु बंदर की कहानी (Jigyasu Bandar ki Kahani)

बहुत समय पहले की बात है, एक जंगल में एक बंदर रहता था। वह बंदर बहुत ही जिज्ञासु था और हर चीज में दिलचस्पी रखता था। वह अपने दोस्तों के साथ जंगल के हर कोने-कोने की खोज करता रहता था और सवालों का उत्तर ढूंढ़ने का प्रयास करता रहता था।

जिज्ञासु बंदर की कहानी

एक दिन, बंदर ने सुना कि एक अजीब प्रकार की पेड़ में बड़ा ही रहस्यमय और अनोखा फल लगता है। उस पेड़ के बारे में कहीं भी जानकारी नहीं थी, लेकिन बंदर की जिज्ञासा को बेकाबू नहीं किया जा सकता था। वह अपने दोस्तों से मिलकर उस पेड़ की ओर बढ़ा।

पेड़ तक पहुंचने के बाद, बंदर ने देखा कि वहाँ पर एक बड़ा सा फल लगा हुआ था, जिसका रंग और आकार अद्वितीय था। बंदर ने फल की ओर बढ़ते हुए सोचा, “यह क्या हो सकता है? क्या यह मुझे खाने के लिए स्वादिष्ट होगा?”

बंदर ने फल को छूने की कोशिश की, लेकिन वह ऊँगलियों से फल की तरफ नहीं पहुंच सकता था। वह बहुत ही चिंतित हो गया और अपने दोस्तों से मदद की गुजारिश की।

उसके दोस्त आए और उस फल को देखकर भी वे हैरान हो गए। उन्होंने भी कोशिश की, लेकिन वे भी फल तक पहुंचने में असमर्थ थे।

तब एक बुजुर्ग बंदर आया, जिसका बहुत अधिक अनुभव था। वह बताया कि यह फल बहुत खास है और इसके अंदर का खजाना है, लेकिन इसे तोड़ने के लिए बंदरों को मिलकर प्रयासशीलता दिखानी होगी।

उसके बाद, सभी बंदर एकसाथ काम करने लगे। वे एक साथ फल के पास लगे और उसे तोड़ने के लिए मिलकर प्रयास किया। अंत में, उन्होंने फल को तोड़ लिया और उसका आनंद उठाया।

इस कहानी से हमें यह सिखने को मिलता है कि सफलता के लिए समर्पण और टीम काम महत्वपूर्ण होते हैं। जब हम साथ मिलकर काम करते हैं, तो हम किसी भी मुश्किल को पार कर सकते हैं और अच्छे नतीजे प्राप्त कर सकते हैं।

इस कहानी से जिज्ञासु बंदर ने अपनी जिज्ञासा से सीखा कि समस्याओं का समाधान मिल सकता है, अगर हम साथ मिलकर काम करें और सहयोग करें।

यह कहानी हमें क्या सिखाती है?

इस कहानी के माध्यम से हमें बहुत सारी अच्छी-अच्छी नैतिक शिक्षाएं मिलती है वह कौन-कौन से मुख्य नैतिक शिक्षा है जिसका महत्व हमें जानना है जो हम नीचे आपको बताने जा रहे हैं ।

  1. सहयोग का महत्व: कहानी में दिखाया गया है कि सहयोग किसी भी कठिनाई को पार करने में महत्वपूर्ण हो सकता है। बंदरों ने मिलकर काम किया और संयोजन किया, जिससे उन्होंने वह रंगीन और रहस्यमय फल तोड़ने में सफलता प्राप्त की।
  2. जिज्ञासा का महत्व: बंदर जिज्ञासु था और हर चीज़ में दिलचस्पी लेता था। इससे हमें यह सिखने को मिलता है कि हमें सीखने और समझने की जिज्ञासा रखनी चाहिए।
  3. संघटन का महत्व: इस कहानी में समय और समय पर मिलकर काम करने की महत्वपूर्णता दिखाई गई है। जब बंदरों ने एकत्र आकर काम किया, तो उन्होंने अपनी सामर्थ्य को बढ़ावा दिया और समस्या का समाधान प्राप्त किया।
  4. विविधता का महत्व: फल की अद्वितीयता और विशेषता दिखाती है कि हर चीज़ में अपनी ख़ासियत होती है, और हमें दूसरों के साथ सहयोग करके विविधता का सम्मान करना चाहिए।
इस कहानी के माध्यम से हमें यह सिखने को मिलता है कि एक साथियों की सहायता से हम किसी भी मुश्किल को पार कर सकते हैं और समृद्धि प्राप्त कर सकते हैं, अगर हम सहयोग करते हैं और जिज्ञासा से भरपूर होते हैं।

इन कहानी को भी पड़े-

  1. तकदीर का खेल की कहानी
  2. बेस्ट फ्रेंड की कहानी
  3. नाली रामा की कहानी
  4. परियों की कहानी 
  5. 10+ जादुई कहानी मजेदार
  6. हाथी और रस्सी की कहानी
  7. सांप और चींटी की कहानी
  8. ज्ञानवर्धक हिंदी कहानी का संग्रह कथा, स्टोरी

जिज्ञासु बंदर की कहानी से जुड़े सवाल जवाब

  1. जिज्ञासु बंदर का क्या नाम था?

    कहानी में जिज्ञासु बंदर का नाम शमशेर था ।

  2. इस कहानी से हमने क्या सिखा?

    इस कहानी में हमने यह सीखा है कि कैसे हम समस्याओं का समाधान अपनी समझ और सूझबूझ के आधार पर निकल सकते हैं पूर्ण ग्राम

  3. जिज्ञासु बंदर की कहानी का मुख्य उद्देश्य क्या है?

    इस कहानी का मुख्य उद्देश्य यह है कि कैसे हम किसी की सहायता से मुश्किलों पर हाल कैसे पाया जा सकता है ।

इस कहानी को जरुर शेयर कीजिये

अब आप जिज्ञासु बंदर की कहानी को पढ़कर आपको इस कहानी से बहुत अच्छी-अच्छी नैतिक शिक्षा प्राप्त हुई होगी। यदि इस कहानी से आपने कुछ सीखा है तो अपने मित्रों और अन्य लोगों को जरूर इस कहानी को शेयर करना ।

और ऐसी ही नई-नई ज्ञानवर्धक कहानियां हिंदी में जानने के लिए हमारी वेबसाइट HindiNeer.com को फॉलो कीजिए ।

https://youtu.be/UskaLJV647E?si=MWsfnpBB4aA3Tckt
5/5 - (1 vote)
Previous articleसांप और चींटी की कहानी | Saap Aur Chiti ki Kahani Hindi
Next articleशेर और बन्दर की कहानी | Sher Aur Bandar Ki Kahani In Hindi
हेलो दोस्तों! में Mayur Arya [hindineer.com] का Author & Founder हूँ। में Computer Science (C.s) से ग्रेजुएट हूँ। मुझे latest Topic (हिन्दी मे) के बारे में जानकारी देना अच्छा लगता है। और में Blogging क्षेत्र में वर्ष 2018 से हूँ। इस ब्लॉग के माध्यम से आप सभी का ज्ञान का स्तर को बढाना यही मेरा उद्देश्य है ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here