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नेजल वैक्सीन क्या है? जाने पूरी जानकारी [2023]

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नेजल वैक्सीन (Nasal Spre Vaccine): नेजल वैक्सीन भारत को जल्दी ही पहली नजर वैक्सीन मिलने वाली है नेजल वैक्सीन यानी नाक के माध्यम से दी जाने वाली वैक्सीन को नेजल वैक्सीन कहा जाता है I

अगर आप नहीं जानते हो कि Nasal spre vaccine क्या होते हैं, इसके फायदे क्या क्या होते हैं, यह कब से भारत में उपलब्ध होना शुरू हो सकती है, और इसको बनाने वाली कंपनी का नाम क्या है, इससे जुड़ी सभी जानकारी आपको इस आर्टिकल के माध्यम से जानने को मिलेगा I

कृपया इस आर्टिकल को पूरा बढ़ा जिससे कि आप नेजल वैक्सीन के बारे में समस्त जानकारी पाकर आपके ज्ञान के स्तर को बड़ा सको।

नेजल वैक्सीन क्या है?

नेजल वैक्सीन क्या है?

अभी के समय में हम सबको वैक्सीन मांसपेशियों में इंजेक्शन के माध्यम से लगाई जाती है जिसे हम इंट्रामस्कुलर vaccine कहते हैं नोजल वैक्सीन वो होती है जिन्हें नाक के जरिए इस स्प्रे या बूंद के माध्यम से दी जाती है इसलिए इसे इंट्रानेजल वैक्सीन कहते हैं यानी इंजेक्शन की आवश्यकता नहीं होती है I

यह बिना सुई के ही जिस किसी को भी दी जा सकती है इससे फेफड़े को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं होता है, और ना ही ओरल वैक्सीन की तरह से पिलाई जाती है इस तरीके की वैक्सीन को नेजल स्प्रे वैक्सीनकहते हैं।

नेजल स्प्रे वैक्सीन कैसे दी जाती है?

नेजल स्प्रे वैक्सीन किसी भी व्यक्ति को नाक के माध्यम से दी जाती है इसमें डॉक्टर या टीम को किसी भी प्रकार से प्रशिक्षण लेने की आवश्यकता नहीं होती है इसे नाक के सामने रखकर स्प्रे करने की आवश्यकता होती है यह बड़ी ही आसानी से किसी भी व्यक्ति को लगाई जा सकती है ।

नेजल स्प्रे वैक्सीन के फायदे

  • निजल वैक्सीन की सहायता से वायरस को नाक में ही खत्म किया जा सकेगा।
  • इससे फेफड़े को किसी भी प्रकार से इंफेक्शन का खतरा नहीं होगा I
  • नेजल स्प्रे की तरह नाक में बूंद डालकर दी जा सकती है I
  • हेल्थ वर्कर को ट्रेनिंग नहीं देने की आवश्यकता होगी I
  • प्रोडक्शन और स्टोरेज आसानी से हो पाएगा I
  • इससे वैक्सीन की वेस्टीज की समस्या से भी छुटकारा मिल पाएगा I
  • इंजेक्शन से नहीं देना होगा इसलिए बच्चों को भी आसानी से इस वैक्सीन को दी जा सकेगी I
  • इम्यून तैयार होने से सांसों से संक्रमण का खतरा घटेगा I
  • पहले से इनफ्लुएंजा और नेजल फ्लू की नेजल वैबसेंस बाजार में उपलब्ध है भारत इंग्लैंड आस्ट्रेलिया चीन में नजर वैक्सीन का ट्रायल अभी चल रहा है ।

नेजल वैक्सीन काम कैसे करती है?

ओमिक्रोन से बचने के लिए यह नेजल वैक्सीन कोरोना वायरस समेत कई माइक्रोब्स (सूक्ष्म वायरस) कोसा (गीला, चिपचिपा पदार्थ जो नाक, मुंह, फेफड़ों और पाचन तंत्र में होता है) इसके माध्यम से शरीर में जाते हैं I ये वैक्सीन सीधे म्यूकोसा में ही इम्यून सिस्टम को पैदा करती है यानी वह लड़ने के लिए सैनिक खड़ा कर देती है, जैसे वायरस शरीर के अंदर घुसपैठ करता है नेजल वैक्सीन आपके शरीर में हीमोग्लोबिन पैदा करती है I

यह माना जाता है कि igA इंफेक्शन को early-stage में रुकने में ज्यादा कारगर होता है, यह इन्फेक्शन रोकने के साथ-साथ ट्रांसमिशन को भी रोकता है इसलिए कोरोना के लिए यह नजर नेजल वैक्सीन काफी ज्यादा उपयोगी और कारगर साबित हो रही है, क्योंकि यह बिना सुई के ही किसी को आसानी से दी जा सकती है और इसके दिए जाने के लिए किसी भी प्रकार से प्रशिक्षण देने की आवश्यकता नहीं होती है ।

नेजल वैक्सीन कोरोना से बचने में कितनी कारगर है?

नेजल वैक्सीन के पहले फेज के ट्रायल के नतीजे संतोषजनक रहे हैं किसी भी वैरिएंट को वैक्सीन लगने के बाद उसे किसी भी प्रकार के गंभीर साइड इफेक्ट नहीं हुए हैं। क्लिनिकल ट्रायल्स रजिस्ट्री के मुताबिक 4 शहरों में 175 लोगों को नजर वसीम दी गई है इससे पहले प्रीक्लिनिकल ट्रायल में भी व्यक्ति से पाई गई है मतलब अब लैब में चूहों और अन्य जानवरों पर यह बेहद सफल हो चुकी है I

जानवरों पर हुए सफल ट्रायल के दौरान इस वैक्सीन से काफी मात्रा में न्यूट्रलाइजिंग एंटीबॉडी बनी थी। भारत बायोटेक के चेयरमैन के कथन अनुसार वैक्सिंग के फेस 2 ट्रायल के नतीजे भी पॉजिटिव रहे हैं फिलहाल वैक्सीन के 3 फेज ट्रायल की तैयारी की जा रही है इसे जनवरी 2021 में फ्री ट्रायल के लिए पीजीआई के पास आवेदन दिया गया है ।

नेजल वैक्सीन किन्हें दी जाएगी?

जैसे कि यह वैक्सीन बिना इंजेक्शन के दी जाने में सक्षम है इसलिए और इसके किसी भी प्रकार से साइड इफेक्ट अभी तक सामने नहीं आए हैं तो इस वैक्सीन को सबसे पहले बच्चों को भी जाना संभव है और इसके साथ-साथ 60 से अधिक उम्र के व्यक्ति को भी इस वैक्सीन को दिया जाएगा कुल मिलाकर यह वैक्सीन सभी आयु वर्ग के व्यक्ति के लिए दी जाने के लिए उपयुक्त होगी ।

नेजल वैक्सीन से सम्बंधित सवाल-जवाब

  1. नेजल वैक्सीन कितनी कारगर हो सकती है?

    नेजल कोरोना से बचाने के लिए अन्य व्यक्तियों की तुलना में काफी अधिक कारगर साबित हो सकती है ।

  2. भारत में नेजल वैक्सीन कौन सी कम्पनी बना रही है?

    नेजल वैक्सीन को भारत बायोटेक और वाशिंगटन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन के द्वारा मिलकर बनाया गया है।

  3. भारत बायोटेक की ‘नेजल वैक्सीन’ के संबंध में किये गये दावे क्या-क्या हैं?

    भारत बायोटेक की वैक्सीन तीनों क्लिनिकल ट्रायल के आए नतीजों के अनुसार सफल पाई गई है जो कि एक उपयुक्त वैक्सीन मानी जा रही है I

  4. क्या कोरोना की नाक से दी जाने वाली नेजल वैक्सीन की एक ही डोज पर्याप्त होगी?

    हां बिल्कुल अभी तक मिले गए नतीजों के अनुसार कोरोना की नेजल वैक्सीन का एक ही दोस्त पर्याप्त होगा I

  5. दुनिया की पहली नेजल वैक्सीन किस देश की हो सकती है और यह वैक्सीन अन्य वैक्सीन से कैसे अलग हो सकती है?

    दुनिया की पहली नजर वैक्सीन भारत की होना संभव है क्योंकि यह सबसे पहले भारत में ही बनाई जा रही है।

  6. क्या भारत बायोटेक की नेजल वैक्सीन लोगों को नाक के जरिए दी जाएगी?

    हां बिल्कुल।

  7. नेजल कोराेना वैक्सीन कितनी कारगर है और इस पर आपकी क्या राय है?

    कोरोना वैक्सीन की तुलना में डीजल वैक्सीन भी उसी प्रकार से कार्य करती है जैसे कि अन्य व्यक्ति कार्य करती है।

निष्कर्ष (Conclusion)

अब आप इस पोस्ट को पूरा पढ़कर भारत की पहली नेजल स्प्रे वैक्सीन से जुड़ी संबंधित सभी आवश्यक जानकारी आप तक पहुंच गई होगी जिससे कि आप इस नेजल वैक्सीन के बारे में समस्त जानकारी आप तक पहुंच गई होगी I

अगर आपको इस वैक्सीन से संबंधित किसी भी प्रकार के सवाल है तो नीचे कमेंट में अपनी राय दें। और ऐसी ही ज्ञानवर्धक जानकारी पाने के लिए हमारी वेबसाइट को फॉलो करें जा हम आपको ऐसी ही मुख्य बातें उपलब्ध करवाते रहते हैं ।

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