श्री झूलेलाल चालीसा | Shri Jhulelal Chalisa | PDF Download

श्री झूलेलाल चालीसा का पाठ करने से भगवाव झुलेलाल की असीम कृपा प्राप्त होती है ऐसे सभी जातक जो श्री झूलेलाल चालीसा का पाठ करना चाहते हैं जिससे कि उन्हें भय से मुक्ति, चिंता, क्रोध और कर्ज मुक्ति से छुटकारा मिलता है।

भगवान झूलेलाल अपने भक्तों को धैर्य साहस और ऊर्जावान का वरदान देते है। सभी व्यक्ति को Shri Jhulelal Chalisa पाठ मन से करना चाहिए। जिससे कि उसे किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होती है और उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण है।

नीचे हम आपको श्री Shri Jhulelal Chalisa का पाठ हिंदी में और अंग्रेजी भाषा और गुजराती में उपलब्ध करवा रहे हैं जिसे आप प्रेम रूपी पढ़िए और भगवान Jhulelal का असीम कृपा प्राप्त करें।

Shri Jhulelal Chalisa Mp3 Audio

श्री झूलेलाल चालीसा हिंदी में (Shri Jhulelal Chalisa in Hindi)

श्री झूलेलाल चालीसा

॥ दोहा ॥
जय जय जल देवता,
जय ज्योति स्वरूप ।
अमर उडेरो लाल जय,
झुलेलाल अनूप ॥


॥ चौपाई ॥
रतनलाल रतनाणी नंदन ।
जयति देवकी सुत जग वंदन ॥1॥

दरियाशाह वरुण अवतारी ।
जय जय लाल साईं सुखकारी ॥2॥

जय जय होय धर्म की भीरा ।
जिन्दा पीर हरे जन पीरा ॥3॥

संवत दस सौ सात मंझरा ।
चैत्र शुक्ल द्वितिया भगऊ वारा ॥4॥

ग्राम नसरपुर सिंध प्रदेशा ।
प्रभु अवतरे हरे जन कलेशा ॥5॥

सिन्धु वीर ठट्ठा राजधानी ।
मिरखशाह नऊप अति अभिमानी ॥6॥

कपटी कुटिल क्रूर कूविचारी ।
यवन मलिन मन अत्याचारी ॥7॥

धर्मान्तरण करे सब केरा ।
दुखी हुए जन कष्ट घनेरा ॥8॥

पिटवाया हाकिम ढिंढोरा ।
हो इस्लाम धर्म चाहुँओरा ॥9॥

सिन्धी प्रजा बहुत घबराई ।
इष्ट देव को टेर लगाई ॥10॥

वरुण देव पूजे बहुंभाती ।
बिन जल अन्न गए दिन राती ॥11॥

सिन्धी तीर सब दिन चालीसा ।
घर घर ध्यान लगाये ईशा ॥12॥

गरज उठा नद सिन्धु सहसा ।
चारो और उठा नव हरषा ॥13॥

वरुणदेव ने सुनी पुकारा ।
प्रकटे वरुण मीन असवारा ॥14॥

दिव्य पुरुष जल ब्रह्मा स्वरुपा ।
कर पुष्तक नवरूप अनूपा ॥16॥

हर्षित हुए सकल नर नारी ।
वरुणदेव की महिमा न्यारी ॥16॥

जय जय कार उठी चाहुँओरा ।
गई रात आने को भौंरा ॥17॥

मिरखशाह नऊप अत्याचारी ।
नष्ट करूँगा शक्ति सारी ॥18॥

दूर अधर्म, हरण भू भारा ।
शीघ्र नसरपुर में अवतारा ॥19॥

रतनराय रातनाणी आँगन ।
खेलूँगा, आऊँगा शिशु बन ॥20॥

रतनराय घर ख़ुशी आई ।
झुलेलाल अवतारे सब देय बधाई ॥21॥

घर घर मंगल गीत सुहाए ।
झुलेलाल हरन दुःख आए ॥22॥

मिरखशाह तक चर्चा आई ।
भेजा मंत्री क्रोध अधिकाई ॥23॥

मंत्री ने जब बाल निहारा ।
धीरज गया हृदय का सारा ॥24॥

देखि मंत्री साईं की लीला ।
अधिक विचित्र विमोहन शीला ॥25॥

बालक धीखा युवा सेनानी ।
देखा मंत्री बुद्धि चाकरानी ॥26॥

योद्धा रूप दिखे भगवाना ।
मंत्री हुआ विगत अभिमाना ॥27॥

झुलेलाल दिया आदेशा ।
जा तव नऊपति कहो संदेशा ॥28॥

मिरखशाह नऊप तजे गुमाना ।
हिन्दू मुस्लिम एक समाना ॥29॥

बंद करो नित्य अत्याचारा ।
त्यागो धर्मान्तरण विचारा ॥30॥

लेकिन मिरखशाह अभिमानी ।
वरुणदेव की बात न मानी ॥31॥

एक दिवस हो अश्व सवारा ।
झुलेलाल गए दरबारा ॥32॥

मिरखशाह नऊप ने आज्ञा दी ।
झुलेलाल बनाओ बन्दी ॥33॥

किया स्वरुप वरुण का धारण ।
चारो और हुआ जल प्लावन ॥34॥

दरबारी डूबे उतराये ।
नऊप के होश ठिकाने आये ॥35॥

नऊप तब पड़ा चरण में आई ।
जय जय धन्य जय साईं ॥36॥

वापिस लिया नऊपति आदेशा ।
दूर दूर सब जन क्लेशा ॥37॥

संवत दस सौ बीस मंझारी ।
भाद्र शुक्ल चौदस शुभकारी ॥38॥

भक्तो की हर आधी व्याधि ।
जल में ली जलदेव समाधि ॥39॥

जो जन धरे आज भी ध्याना ।
उनका वरुण करे कल्याणा ॥40॥

॥ दोहा ॥
चालीसा चालीस दिन पाठ करे जो कोय ।
पावे मनवांछित फल अरु जीवन सुखमय होय ॥
॥ ॐ श्री वरुणाय नमः ॥

▼▼श्री झूलेलाल चालीसा अंग्रेजी में पढ़े▼▼

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हेलो दोस्तों! में Mayur Arya [hindineer.com] का Author & Founder हूँ। में Computer Science (C.s) से ग्रेजुएट हूँ। मुझे latest Topic (हिन्दी मे) के बारे में जानकारी देना अच्छा लगता है। और में Blogging क्षेत्र में वर्ष 2018 से हूँ। इस ब्लॉग के माध्यम से आप सभी का ज्ञान का स्तर को बढाना यही मेरा उद्देश्य है ।

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